||| हायरे व्हाट्सप्प |||
७ महीने हो गए
थे और अब कविता
अक्सर मोबाइल पे शॉपिंग करते
ही दिखती थी|उसका यह पहला
बच्चा था और वो
उसके आने की खुशी
में , दुनिया की सारी चीज़े
खरीद लेना चाहती थी
| आज कल ऑनलाइन की
दुनिया ने तोह हमारी
मुश्किलें ही आसान कर
दी है | एक बार
बस डिटेल्स डालो और और
फिर कभी भी कही
से भी जो चीज़
पसंद आये उसे फटा
फट आर्डर करलो | कविता अपने खली समय
में ऑनलाइन ब्लोग्स , शॉपिंग और तरह तरह
के अप्प्स पढ़ा और टॉय
किआ करती थी |
उसने
अब तक तोह बच्चे
के लिए बेबी केयर
प्रोडक्ट्स , उसके खिलौने , कपडे
और न जाने क्या
क्या चीज़े खरीद लिए
था |
कविता
को ऑनलाइन अप्प्स बोहोत ही आकर्षित करते
थे | जैसे "अपने होने वाले
बच्चे का जन्म समय
जानिए " || माना ये सब
बाते सच होने के
सिर्फ १% चंगेस होती
है पर ये मन
को एक निर्मल अनंदा
दे जाती है
| कविता तोह ऎसे कई
व्हाट्सप्प ग्रुप कि मेंबर भी
थी जहा सब कुछ
ना कुछ ऐसा मिलता
जुलता शेयर किआ करते
थे | मज़े की बात
यह है कि ये
सरे अप्प्स ऑनलाइन पे फ्री है
और इंटरनेट के अनलिमिटेड योजनाओ
ने तोह इससे मिलने
वाले निर्मल आनंद पे चार
चाँद ही लगा दिए
है |
एक रात कविता को
नींद नहीं आ रही
थी और दूसरे दिन
छुट्टी होने के वजह
से सुबह
ऑफिस के लिए उड़ने
का टेंशन भी नहीं था
सो उसने अपना फ़ोन
उठाया और टाइम पास
करने लगी |
तभी
उसकी नज़र व्हाट्सप्प में
आये एक मैसेज पे
पड़ी जिसमे एक लिंक दिआ
था और लिखा था
कि " व्हाट विल यौर बेबी
लुक लाइक ?" कविता को यह पढ़ते
ही लगा कि वह क्या
नई टेक्नोलॉजी है | क्यों ना इसे
भी टॉय किआ जाये
|
उसने
उस लिंक को क्लिक
किआ और कुछ २
सेकंड में वह डाउनलोड
भी हो गया | लॉगिन
के लिए एक आसान सा पॉप
उप आया | " क्या आप अपने
मोबाइल में आपके
बारे में पहले से
स्टोर करी गई जानकारी
से लॉगिन करना चाहते है
" और बस एक "हाँ"
के बटन से कविता
उस अप्प कि भी
मेंबर बन गयी | वह अप्प बोहोत
ही अनोखा था | उसमे सिर्फ
, होने वाले बच्चे के
माँ और पिता का
एक क्लोज उप तस्वीर ही अपलोड करना
था और कुछ एक
मिनट में वह एक
होने वाले माता पिता
कि सबसे बड़ी जिज्ञासा
का उतर देने का
दावा कर रहा था
|
वह फिर क्या था
, कविता ने अपनी और
सुरेश कि एक एक
तस्वीर अपलोड कर दी और
१ मिनट बाद जोरो
से हस पड़ी क्युकी
रिजल्ट में जो बच्चे
कि तस्वीर आयी थी वह
एक विदेशी बच्चे कि थी , जिसकी
आखे नीली और बाल लाल थे
| सुरेश , कविता कि हसीं सुन
कर उठ गया और
जब उसे हसीं का
काराण पता चला तोह
उसने कविता को फिर से
वही बात बोली जो
वह उसे हमेशा बोलता
आ रहा था और
कविता उसे
नज़र अंदाज़ कर देती थी
कि ऑनलाइन पे पड़ी हर
चीज़ सही नहीं होती
है और आप को
सोच समज कर लॉगिन
करना चाहिए क्युकी कुछ फ्रॉड भी
होते है |
उस दिन भी कविता
ने वही किआ | थोड़ी
देर टाइमपास कर के वह
सो गयी और उसके
बाद के छुट्टी के
२ दिन तोह पता
ही नहीं चले क्युकी
उसकी गोद भराई का
समारोह जो था | २
दिन तोह उसे अपना
मोबाइल उठाने का भी वक़्त
नहीं मिला | २ दिन बाद
ऑफिस जाते वक़्त उसने
सोचा कि चलो अब
सभी को अपने गोद
बरई कि तस्वीरें शेयर
करती हू पर नोटिफिकेशन
के पहले मैसेज को
पड़ते ही उसे लगा
मनो उसके पैरो कि
नीचे से जमीन खिसख
गई हो | उसके क्रेडिट
कार्ड से कुछ १.५ लाख डेबिट
हो गए थे | थोड़ी
देर के सन्नाटे के
बाद उसने अपने आप
को सांत्वना देते हुए कहा
कि सायद सुरेश को
कोई जरुरत पड़ी हो और
उसने यूज़ किआ हो
| उसने थोड़ा डरते और
सकुचाते हुए सुरेश को
कॉल किआ पर सुरेश के ना ने
उसके आखो के सामने
अँधेरा सा छा गया
| वह सीधे घर वापस
आ गई और सुरेश
में भी क्रेडिट कार्ड
के कॉल सेंटर पे
पूछताछ करना शुरू कर
दिआ पर अब तक
बोहोत देर हो चुकी
थी | यह पैसे उसी
अप्प के निर्मल आनंद
कि लॉगिन चार्जेज थे जो कि
कविता ने बिना
सोचे समजे एक हाँ
से गवा दिए थे
|
इन्
सब के बीच कविता
कि नज़र टीवी पे
चल रहे एक विज्ञापन
पे पड़ी जिसपे जान
हिट में जारी एक सन्देश पे
बात हो रही थी
कि " रार बी आई
कहता है "
उसे सुनते
ही कविता फूट फूट के
रोह पड़ी
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